Garlic Kya Hai ? Garlic Ke Fayde | Garlic Ke Nuksan

लहसुन का प्रयोग बहुत पहले से होता आ रहा है ।वह हम घर मे भी उगा सकते है । वह कम जगह मे भी हो जाता है ।वह बहुत ही उपयोगी है। इसके अनेक फायदे है । वह हर घर मे पाया जाता है ।वह बहुत सी सब्जी मे भी पड़ता है ।लहसुन एक फायदे अनेक है । आप इसे रोज खाने मे इस्तेमाल करे आप को फायदा होगा ।

लहसुन के फायदे: –
-यदि आप बहुत मोटे हैं और
गर्म पानी का एक गिलास में आधा नींबू
का रस निचोड़ के नियमित रूप से दो कच्चे
लहसुन और दो लौंग के साथ (सुबह और शाम) ले
वजन घटाना चाहते हैं, तो एक छोटा उपाय है वह
-सर्दी जुकाम में तो यह रामबाण की तरह
काम करता है। पाँच साल तक के बच्चों में
होने वाले प्रॉयमरी कॉम्प्लेक्स में यह बहुत
फायदा करता है। लहसुन को दूध में उबालकर
पिलाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक
क्षमता बढ़ती है। लहसुन की कलियों को
आग में भून कर खिलाने से बच्चों की साँस
चलने की तकलीफ पर काफी काबू पाया
जा सकता है।
– सफेद बाल काले करने के लिए लहसुन की 5
कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें
और उसमें 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह -शाम
सेवन करें।
-नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर नियमित
रहता है। एसीडिटी में भी
इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। दिल की
बीमारियों के साथ यह तनाव को भी
नियंत्रित करती है
– लहसुन के नियमित सेवन से पेट और सबसे बड़ी समस्या  भोजन की
नली का कैंसर और स्तन कैंसर की सम्भावना
कम हो जाती है।
– लहसुन की दो कलियां पीसकर एक गिलास
दूध में उबाल लें और ठंडा करके सुबह शाम कुछ
दिन पीएं दिल से संबंधित बीमारियों में
आराम मिलता है।
– लहसुन की दो कलियों को पीसकर उसमें और
एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर
क्रीम बना ले इसे सिर्फ मुहांसों पर लगाएं।
मुहांसे साफ हो जाएंगे।
– लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता
है। 30 मिली लीटर दूध में लहसुन की पांच
कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज
सेवन करने से दमे में शुरुआती अवस्था में काफी
फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय में
लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने
से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।
– टीबी में लहसुन बेहद फायदेमंद है।
लहसुन के रस की कुछ बूंदे रुई पर डालकर सूंघने से
सर्दी ठीक हो जाती है।
और खांसी भी ठंड मे खांसी, सर्दी आम बात है ।
-यह शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में कारगर
साबित होता है
-लहसुन की एक कली छीलकर सुबह एक
गिलास पानी से निगल लेने से रक्त में
कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है।
साथ ही ब्लडप्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।
-आज की भाग दोड़ भरी जिंदगी मे शरीर दर्द करने लगता है ।100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा
चम्मच) अजवाइन के दाने और आठ-दस लहसुन
की कुली डालकर धीमी-धीमी आंच पर
पकाएं। जब लहसुन और अजवाइन काली हो
जाए तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें और
बोतल में भर दें। इस तेल को गुनगुना कर इसकी
मालिश करने से हर प्रकार का बदन का दर्द
दूर हो जाता है
– रोजाना
खाली पेट थोड़ा सा कच्चा लहसुन खाने के, ये होते है बहुत सारे
फायदे – लहसुन सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता,
बल्कि इसे खाने के अनेक हेल्दी फायदे भी हैं। आप सोच भी
नहीं सकते कि लहसुन की एक कली कितने रोगों को खत्म कर
सकती है। यह कई बीमारियों की रोकथाम और उपचार में
प्रभावी है। कुछ भी खाने या पीने से पहले लहसुन खाने से
ताकत बढ़ती है। यह एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक एंटीबायोटिक
की तरह काम करता है। आयुर्वेद में लहसुन को जवान बनाए रखने
वाली औषधि माना गया है। साथ ही, यह जोड़ों के दर्द की
भी अचूक दवा है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं लहसुन खाने
से फायदे –
.-हाई बीपी से बचाए लहसुन –
कई लोगों का मानना है कि लहसुन खाने से हाइपरटेंशन के
लक्षणों से आराम मिलता है। यह न केवल ब्लड सर्कुलेशन को
नियमित करता है, बल्कि दिल से संबंधित समस्याओं को भी
दूर करता है।
– डायरिया दूर करे
पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे डायरिया आदि के उपचार में भी
लहसुन रामबाण का काम करता है।
-भूख बढाए
यह डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक करता है और भूख भी
बढ़ाता है। जब भी आपको घबराहट होती है तो पेट में एसिड
बनता है। लहसुन इस एसिड को बनने से रोकता है। यह तनाव को
कम करने में भी सहायक होता है।

जोड़ों के दर्द में  सहायक – उबलते गाय के दूध में लहसुनकी
कलियों को डालकर पकाएं फिर ठंडा करके लहसुनको
खाकर दूध पीलें व अजवाईन व सरसों के तेल में पकाकर
जोड़ों पर मालिश करें ।
दूसरा प्रयोग :- लहसुनकी ५-६ गांठे छीलकर पानी में
रात भर के लिए भिगो दें और प्रातः में इसे घोंटकर और
छानकर जल को पीलें । एक सप्ताह बाद गांठों की
संख्या 7 एवं दूसरे सप्ताह गांठो की संख्या १० कर दें ।
तीन सप्ताह बाद चौथे सप्ताह इस प्रयोग को बंद कर दें
पांचवें सप्ताह से इसी क्रम को पुनः शुरू करें । * इस
प्रयोग के साथ दही से निकला देशी गाय के घी का
मक्खन अवश्य खाएं । इससे जोड़ों का दर्द कम होगा ।
त्वचा रोंगों में भी सहायक  :- प्रतिदिन लहसुनका सेवन करें तथा
लहसुनके पेस्ट को मुहांसे , दाने , एक्जिमा में तुलसी व
गौ-मूत्र में पीसकर पेस्ट बनाकर लगा लें । नौसादर के
साथ पीसकर लगाने से सफ़ेद-दाग ठीक होते है ।
साइटिका मे भी  :- १६ तोला लहसुनएक किलो दूध , तथा
आठ लीटर पानी को मिलाकर तब-तक उबालें जब-तक
दूध शेष ना बचे अब इसे हल्का गर्म पियें साइटिका से
छुटकारा मिलेगा ।
. मुँह के छाले  : मुँह के छाले
कम करने के लिए ताजा लहसुन सीधे छालों पर रख
दें| वास्तविक लहसुनके रस से तरल प्रहार होगा
लेकिन यह वास्तविक रूप में छालों को ठीक कर
देगा|
-बालों का झड़ना  :
लहसुनकई सालों से बालों के झड़ने पर एक
प्राकृतिक उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा
है। बाल गिरने की आसपास के क्षेत्र पर लहसुनका
तेल लगाकर तुरंत ढंक दें। थोड़ी देर बाद बाल धो
डालें|इस उपाय को कई हफ्तों के लिए दोहराएँ।
-फेफड़े के रोग :- लहसुन का सेवन करने वालों को
फेफड़े के रोग नहीं होते। लहसुन एक शानदार
कीटाणुनाशक है, यह एंटीबायोटिक दवाइयों का
अच्छा विकल्प है, लहसुनसे टीबी के कीटाणु नष्ट
हो जाते हैं।
. अगर आप  मोटापे से परेशान हैं तो – लहसुन
की दो कलियां भून लें उसमें सफेद जीरा व सौंफ
सैंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना लें। इसका सेवन सुबह
खाली पेट गर्म पानी से करें। – लहसुनकी चटनी
खाना चाहिए और लहसुन को कुचलकर पानी का
घोल बनाकर पीना चाहिए। – लहसुन की पांच-छ:
कलियां भिगो दें। सुबह पीस लें। उसमें भुनी हिंग और
अजवाइन व सौंफ के साथ ही सोंठ व सेंधा नमक,
पुदीना मिलाकर

इसका उपयोग करने से गैस भी हो जाती है ।जिनको अल्सर है  वह भी इसका प्रयोग नही करे।वह कली कच्ची नही होनी चाहिए । इसका ज्यादा गाड़ा पेस्ट त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है ।आप इसका  इस्तेमाल ध्यान से करे। वह ज्यादा नही खाना चाहिए  । गर्भावस्था मे भी नही खाना चाहिए ।इन बातो का ध्यान रखना चाहिए
कुछ ऐसी बिमारी होती है जिसमे इसे नही खाना चाहिए ।
हमे आप की सेहत की फिक्र है इसलिए बताया
आप को कोई बिमारी नही है तो भोजन मे इसका इस्तेमाल करे आप को होने वाली बिमारी से बचेंगे धन्यवाद

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